सामान्य जानकारी
 
इंदौर मध्य प्रदेश प्रान्त का एक प्रमुख शहर है। आर्थिक दृष्टि से यह मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी है। इस शहर में अनेक महल और दो बड़े विश्वविद्यालय हैं। वास्तव मे इन्दौर शहर का संस्थापक जमीन्दार परिवार है जो आज भी बड़ा रावला जूनी इन्दौर मे निवास करता है। सन् १७१५ में बसा यह शहर मराठा वंश के होल्कर राज में मुख्यधारा में आया। १८ मई १७२४ को हैदराबाद निजाम ने इंदौर पर पेशवा बाजीराव का आधिपत्य स्वीकार किया। इसके बाद पेशवा ने इंदौर को सूबा बनाकर मल्हारराव होलकर को सूबेदार नियुक्त किया।
 
जलवायु इंदौर एक पठार पर स्थित है। भौगोलिक स्थिति के कारण यहाँ की जलवायु अच्छी है और यहाँ का तापमान भारत के अन्य शहरों कि तुलना मे काफी स्थिर रहता है।
 
इन्दौर एक औद्योगिक शहर है। यहाँ लगभग ५,००० से अधिक छोटे-बडे उद्योग हैं। यह सारे मध्य प्रदेश मे सबसे अधिक रेवेनु पैदा करता है। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र मे ४०० से अधिक उद्योग हैं और इनमे १०० से अधिक अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के उद्योग हैं। पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र के प्रमुख उद्योग व्यावसायिक वाहन बनाने वाले व उनसे सम्बन्धित उद्योग हैं। इंदौर व्यवसायिक क्षेत्र मे मध्य प्रदेश का प्रमुख वितरण केन्द्र और व्यापार मंडी है।
 
फसल व खेती  यहाँ मालवा क्षेत्र के किसान अपने उत्पादन को बेचने और औद्योगिक वर्ग से मिलने आते है। यहाँ के आस पास की जमीन कृषि-उत्पादन के लिये उत्तम है और इंदौर मध्य-भारत का गेहूँ, मूंगफली और सोयाबीन का प्रमुख उत्पादक है। यह शहर, आस-पास के शहरों के लिए प्रमुख खरीददारी का केन्द्र भी है। इन्दौर अपने नमकीनों के लिये भी जाना जाता है।
 
इंदौर वैज्ञानिक तकनीकी अनुसन्धान और शिक्षा के क्षेत्र मे भी एक मुख्य शहर है। यहाँ राजा रामन्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केन्द्र, (RRCAT) तथा भारतीय प्रबंधन संस्थान (आई.आई.एम.) जैसे भारत के महत्त्वपूर्ण संस्थान हैं। २००७ में इन्दौर में लगभग ३० इंजीनियरिंग कालेज हैं। महात्मा गांधी मेडिकल कालेज, एक दन्त-चिकित्सा महाविद्यालय, एक कृषि महाविद्यालय, होल्कर विज्ञान महाविद्यालय, तथा अनेक पब्लिक स्कूल हैं। यहाँ पर भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान की एक शाखा भी खुल गयी है।