इतिहास
राजबाड़ा
राजवाड़ा
यह नगर के बीचोबीच स्थित है। १९८४ के दंगों के समय इसमें आग लग जाने से इसको बहुत क्षति पहुँची थी। उसके बाद इसको कुछ सीमा तक पुनर्निर्मित करने का प्रयत्न किया गया।रजवाड़ा महल, इंदौर पर्यटन के प्रमुख आकर्षणों में से एक है। रजवाड़ा, होलकर राजवंश के शासकों की ऐतिहासिक हवेली है। इस महल का निर्माण लगभग 200 साल पहले हुआ था और आज तक यह महल पर्यटकों के लिए एक विशेष आकर्षण रखता है। इस महल की वास्‍तुकला, फ्रैंच, मराठा और मुगल शैली के कई रूपों व वास्‍तुशैलियों का मिश्रण है। यह इमारत, शहर के बीचों-बीच शान से खड़ी है जो सात मंजिला इमारत है। इस महल का प्रवेश बेहद सुंदर व भव्‍य है। एक महान तोरण, महल के प्रवेश द्वार के रूप में कार्य करता है। लकड़ी और लोहे से निर्मित राजसी संरचना से बना महल का प्रवेश द्वार यहां आने वाले हर पर्यटक का स्‍वागत करता है। यह पूरा महल लकड़ी और पत्‍थर से निर्मित है। बड़ी - बड़ी खिड़कियां, बालकनी और गलियारे, होलकर शासकों और उनकी भव्‍यता का प्रमाण है। इंदौर आने वाले हर पर्यटक को रजवाड़ा अवश्‍य आना चाहिए।
महात्‍मा गांधी हॉल
gandhi hall
महात्‍मा गांधी हॉल, इंदौर की ऐतिहासिक इमारतों में से एक है। इस हॉल का निर्माण 1904 में करवाया गया था और इसका नाम किंग एडवर्ड हॉल रखा गया था। भारत की आजादी के बाद, इस भव्‍य हॉल का नाम 1948 में बदलकर महात्‍मा गांधी हॉल कर दिया गया। इस हॉल का निर्माण भारतीय - गोथिक शैली में किया गया है जिसे बंबई के चार्ल्‍स फ्रेडरिक स्‍टीवंस ने डिजायन किया था। इस हॉल की वास्‍तुकला आश्‍चर्यचकित कर देने वाली है। शहर में इसे टाउन हॉल  के नाम से भी जाना जाता है।  हॉल में पर्यटकों के लिए मुख्‍य आकर्षण एक घड़ी टॉवर है। चारों तरफ मुंह वाला यह टॉवर हॉल के बीचों - बीच में स्थित है और एक गुंबद से घिरा है। स्‍थानीय लोगों के बीच इस टॉवर को इस घडी की वजह से क्‍लॉक टॉवर या घंटाघर भी कहा जाता है। खुली छत, सजवटी पट्टियां, ऊंची छतें, सुसज्जित कमरे, मीनारें आदि इस हॉल को भव्‍यता प्रदान करते है। इस हॉल में एक समय में 2000 लोग भी आ सकते है। हॉल में बच्‍चों के लिए पार्क और एक पुस्‍तकालय भी  है।
लाल बाग महल
lalagh
लाल बाग महल, इंदौर के सबसे शानदार महलों में से एक है। यह महल, खान नदी के तट पर तीन मंजिला इमारत के रूप में खड़ी एक शानदार संरचना है। इस महल का निर्माण महाराजा शिवाजी राव होलकर ने करवाया था। इस महल का इस्‍तेमाल होलकर शाही परिवार के द्वारा मेजबानी में किया जाता था।
लाल बाग पैलेस, इंदौर के सबसे अनूठे व प्रसिद्ध महलों में से एक है जिसकी वास्‍तुकला बेहद अनूठी है। इस महल में होलकर शासकों की जीवन शैली की झलक स्‍पष्‍ट तौर पर देखने को मिलती है। इस महल में भारत का सबसे सुंदर गुलाबों का बगीचा भी स्थित है। महल का प्रवेश द्वार बेहद सुंदर है। लाल बाग महल को भारत और इटली के कई अन्‍नय चित्रों व मूर्तियां से सजाया गया है। इस महल की दीवारों पर व छत पर नक्‍काशी बनी हुई है। महल में एक सिक्‍का संग्रहालय भी है। 28 एकड़ में फैले इस महल को एक संग्रहालय में बदल दिया गया है।
केंद्रीय संग्रहालय
इंदौर संग्रहालय, इंदौर शहर की विरासत को बरकरार रखता है। इस संग्रहालय को केंद्रीय संग्रहालय के नाम से भी जाना जाता है। जो लोग इंदौर की संस्‍कृति और परंपरा की जड़ों को जानना चाहते है कि कैसे यहां की समृद्ध सभ्‍यता का विकास हुआ आदि, वह लोग इस संग्रहालय की सैर के लिए अवश्‍य आएं। यह संग्रहालय, परमार मूर्तियों के बारे में जानने के लिए सबसे अच्‍छा स्‍थान है, परमार मूर्तियों की उत्‍पत्ति इंदौर में ही हुई थी। इंदौर संग्रहालय में समृद्ध और विविध हिंदू और जैन धर्म की कई मूर्तियों को रखा गया है। इस संग्रहालय में प्रागैतिहासिक काल की कलाकृतियों, सिक्‍कों का संग्रह, हथियार, पौराणिक नक्‍काशियों आदि का काफी उत्‍तम संग्रह है। यह संग्रहालय, इंदौर का इतिहास जानने के लिए सबसे अच्‍छा स्‍थल है। यहां आकर पर्यटक इंदौर की समृद्ध विरासत को देख व महसूस कर सकते है, यहां आने वाले पर्यटक संग्रहालय की यात्रा के बाद इंदौर से काफी फैमिलियर हो जाते है।