अनंत चतुर्दशी

अनंत चौदस
  • कब मनाया जाता है: September
  • महत्व:

    अनंत चतुर्दशी 10 दिवसीय गणेश चतुर्थी समारोह का अंतिम दिन है।

    गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश की जयंती के रूप में मनाया जाता है! गणेश चतुर्थी पर, भगवान गणेश को ज्ञान, समृद्धि और सौभाग्य के देवता के रूप में पूजा जाता है! इस दिन भगवान शिव ने अपने पुत्र गणेश को सभी देवताओं से श्रेष्ठ घोषित किया था! हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार जब भी नया काम शुरू होता है भगवान गणेश को याद किया जाता है।

    गणेश चतुर्थी का उत्सव, 10 दिवसीय गणेशोत्सव अनंत चतुर्दशी के दिन समाप्त होता है, जिसे गणेश विसर्जन दिवस के रूप में भी जाना जाता है! गणेश चतुर्थी पर, भक्त अपने घर पर भगवान गणेश की एक मूर्ति स्थापना करते हैं, जिसकी 10 दिनों तक पूजा की जाती है! उसके बाद भक्त, अनंत चतुर्दशी के दिन, भगवान गणेश की मूर्ति को एक जल निकाय में, आमतौर पर झीलों, नदियों, समुद्रों, या तालाबों में विसर्जित करते हैं!

    हालाँकि, अनंत चतुर्दशी के इस महान त्योहार के लिए इंदौर की अलग विशिष्टता है, जब लोग सामूहिक रूप से गणेश मूर्ति विसर्जन के लिए जाते हैं !

    इंदौर नगर निगम और इंदौर विकास प्राधिकरण विभिन्न संगठनों, प्रशासन, और तत्कालीन कपड़ा मिलों के निकायों – राजकुमार मिल, स्वदेशी मिल्स, हुकुमचंद मिल्स, इत्यादि के सहयोग से चल समरोह (जुलूस) का आयोजन करते हैं!

    इस जुलूस में, 10 दिनों से अधिक की अवधि में बनाई गई सुंदर झांकीयों का, एक नयनाभिराम नजारा होता है! झांकीयों के चल समारोह में भगवान गणेश के आसपास के दृश्यों, स्थानों, प्रतिष्ठित मंदिरों आदि के लंबे, जीवंत प्रदर्शन होते हैं! यह चल समारोह रात 6-7 बजे मालवा मिल क्षेत्र से शुरू होकर, राजकुमार मिल फ्लाईओवर, जेल रोड, एम. जी. रोड, कृष्णपुरा छत्रियों और ब्रिज, सब्जी मण्डी, नरसिंह बाजार, खजुरी बाजार और अंत में राजवाड़ा से होकर चिमन बाग पर समाप्त होता है।